ये बेल कभी नही सूखेगी,
क्योंकि इस बेल की शाखाएं हम
आपस मे जुङे है!
हम इसकी शाखाएं, इसके पत्ते, फल, बीज है,
हम मे इसका अंश प्राण है,
हमसे बहुत सी नई बेले जन्म लेगी,
वो हर बेल इस बेल को जीवंत रखेगी!
हम सबकी अथक अटूट ऊर्जा से
ये बेल अमर रहेगी!
सजीव अंत! इस अस्पताल में, जहाँ हर क्षण जीवन उत्पन्न और विलुप्त हो रहा है, मेरा यह शरीर रोग और पीड़ा से जूझ रहा है मेरे परिजन और अभिक्षक ...
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