Friday, September 30, 2022

तुम्हारा स्पर्श से ही जीवन है

 परिमित है

वो समय जो एक साथ व्यतीत कर सकते हैं!

ज़िंदगी है

वो चिंगारी जो उत्तपन्न होती है साथ होने से!

एक चकमक पत्थर है

तुम्हारा स्पर्श जो जीवन को जीवंत करता है!

 

जीवन तो सदैव रहेगा

उसकी आँखों में,

क्योंकि वो जीवित है

उसी स्पर्श से !

उसकी आँखों में जीवन

तो तुम्हारे जीवन की चमक का प्रतिबिंब है

 

सांसें थक सकती हैं

लेकिन जीवन कभी नहीं

यह वहाँ रहेगा, हमेशा ....तुम्हारे लिए !!

Sajeev ant!

सजीव अंत! इस अस्पताल में, जहाँ हर क्षण जीवन उत्पन्न और विलुप्त हो रहा है, मेरा यह शरीर रोग और पीड़ा से जूझ रहा है  मेरे परिजन और अभिक्षक ...